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मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

यह समय

कथा अधूरी है!
भाषा गूंगी !!

यह व्यंग्य का समय है!!!

                              -पूर्णिमा शर्मा 

सोमवार, 16 सितंबर 2013

एकप्राण



मौलवी ने उठाई सन्टी
और दे मारी मजनू की पीठ पर
लैला चीख कर बेहोश हो गई
लाल – नीले निशान उभर आए
अंग अंग पर

प्यार इसी को कहते हैं

-पूर्णिमा शर्मा