गुरुवार, 28 जनवरी 2010

वक्त की बिल्ली



वक्त बिल्ली की तरह
दबे पाँव आया मेरी बच्ची के पास.

मैंने रसोई से देखा-
बिल्ली म्याऊँ-म्याऊँ करने लगी.
बच्ची ने पकड़ लिए दोनों कान
तो आँख मिचमिचाकर रह गई
वक्त की बिल्ली.
बच्ची ने पकड़ी उसकी पूँछ
बिल्ली को मौका मिल गया,
ज़ोर से काट लिया दूसरी बांह में.

बिलबिलाकर रह गई बच्ची.
दौड़कर आई मैं रसोई से .
वक्त की पूँछ निकल चुकी थी!


-पूर्णिमा  शर्मा